Monday, 23 December 2013

हर दिन यहाँ ----जीना नहीं-----


जिंदगी एक फूल है: 
जिंदगी एक शूल है । 
हर दिन यहाँ ----
जीना नहीं  …जीना नहीं ॥ 

प्रीत का साया ,
दुनिया से पाया  ....... 
होगा एक दिन ,
अपना भी पराया । 
टूटेगा  बंधन प्रियतम से एक दिन ;
गोरी का साजन रोना नहीं  ………
रोना नहीं ॥
हर दिन यहाँ ----
जीना नहीं  …जीना नहीं ॥ 

अपना है सुहाना , 
ग़मों का खजाना  ............ 
दो पल की खुशियाँ ,
नहीं  तुम भुलाना । 
आएगी डोली हँसकर के जाना ;
 ग़मों के खजाने लुटाना नहीं  …… 
लुटाना नहीं ।। 
हर दिन यहाँ ----
जीना नहीं  …जीना नहीं ॥
                 ---------श्रीराम रॉय   
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