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Sunday, 19 April 2015

करवटें बदलते ही....


रौशनी चिराग का ,कम जो हो गया।
जाग गये हम और, ज़माना सो गया।।

टिमटिमाती लौ जिसकी ,रात भर रही
जलाता रहा उसे ,उसके पास जो गया।।

एक रेशमी किरण ,इस तरह से आई
टूट गये सपने ,कि दिन हो गया।।

बंद आँखों में, हमसफ़र साथ था
करवटें बदलते ही ,कहाँ वो खो गया।।

रौशनी चिराग का कम जो हो गया।
जाग गये हम और ज़माना सो गया।।
                                                     -------Sriram Roy

Saturday, 9 August 2014

बीज था प्यार का____

हम कहते थे / वो हैं /से ; वो /हो गये । 
मिले भीड़ में हमसे ;तन्हाई में खो गये ॥ 

दिल लगता नहीं /है कहीं /ढूंढे कहाँ उनको 
आये ना वापस लौटकर ;जो गए /सो /गये ॥ 

उजाला चीखते रहता ;अँधेरा बहुत जलाता है 
हँसते जो साथ-साथ ; याद आते ही रो गये ॥ 

अरमान सारे दफ़न हुए ;जिंदगी मौत बन गयी 
बीज था प्यार का ;पर काँटे ही वो गये ॥ 

हम कहते थे / वो हैं /से ; वो /हो गये । 
मिले भीड़ में हमसे ;तन्हाई में खो गये ॥

                                                
















----------Sriram Roy.

Sunday, 3 August 2014

जिंदगी ,जिंदगी है ||

जमीं आकाश के नीचे बेघर है । 
जिंदगी मौत से भी बदत्तर है ॥ 

दिल  दरिया समंदर का पानी 
दो पल की ख़ुशी ग़मे सागर है ॥ 

महबूब का हर पल क़यामत का 
यूँ कहें जिंदगी आशिके जहर है ॥ 

जिंदगी कड़ी धूप है चौराहे पर 
जिंदगी फूल काँटो के अंदर है ॥ 

जिंदगी बेहोश ,जोश में अगर हो 
  जिंदगी ,जिंदगी है बहुत सुन्दर है 

Saturday, 17 May 2014

....हिसाब झूठा है !!



देखने की भी "सजा" देते हैं लोग ।
 खण्डहर को भी सजा देते हैं लोग ।।
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उसकी उम्र का हिसाब झूठा है ;
देख दर्पण को लजा देते हैं लोग ॥
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सच कि होगी कभी घटा काली ;
रात- दिन सा मजा देते हैं लोग  ॥
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क्या लेना सुरताल के संगम से ;
सितार बेतार बजा देते हैं लोग  ॥
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प्यार की कोई  उम्र होती क्या ;
"राय"चाहत में क़ज़ा देते हैं लोग !!
                 --------- Shreeram

Monday, 30 September 2013

हम -तुम ….

Photo
दिल को आग लगी ,
देखा तुमको ,
तुम प्यार करो ,
केवल हमको ।

तेरे सामने दिल ,
चुप रहता है ,
नजरों से ही ,
यह कहता है --
जब चाहत हो ,
कोई तुमको ,
तुम चाहां  करो ,
केवल हमको । 

जब सामने , 
दरिया होती है ,
होंठों पर ,
प्यास छलकती है ,
जब पीने का दिल ,
करे तुमको ,
नजरों से पिलाना ,
केवल हमको । 

दिल तुमको ,
पास बुलाता है ,
तेरी याद में ,
गाना गाता है  ,
जब सुनना हो ,
गाना तुमको ,
तुम पास बुलाना ,
केवल हमको ॥ 

(नवजवान भाइयों से अनुरोध है ;
 गुनगुनाइए और मस्ती में खो जाइये )

---- श्रीराम रॉय 

Sunday, 8 September 2013

सजन आपके......



फूलों से भर गये हैं चमन आपके I
भींगे खुशबु से हैं जो बदन आपके II



आप हँसते हैं तो भौंरे आ जाते हैं**
और मचलते हैं छूने सुमन आपकेII



अपने घुंघट को थोड़ा गिरा लीजिये**
अब चलाते हैं खंजर नयन आपकेII



हम पराये नहीं,न मुसाफिर कोई**
जलाते हैं हम को अगन आपकेII


इन होंठों को राय न खोला करें **
जो कहते हैं  हम न सजन आपकेII


               --------श्री राम राय

Friday, 26 July 2013

क्यों लोग मुहब्बत करते हैं ******


ये हमे मालुम नही था ,
क्यों लोग मुहब्बत करते हैं  । 
तुमसे मिले तो हम समझे ,
क्यों लोग मुहब्बत करते हैं ।
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ठोकर देने वाला छोटा सा --
पत्थर भी खुदा  कहलाता है  ;
तुमको देखा तो दिल  समझा ,
क्यों लोग इबादत करते हैं । ।
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तुम  जमी के  चाँद हंसी हो --
और शायरी हो शायरों   के  ;
तुम न मिले तो हम   समझे ,
क्यों लोग बगावत   करते हैं । ।
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तुम  हो  फूलों की मल्लिका -
है नूर खुदा का तुझमे  ;   
है चमन लबालब हुस्न भरा ,
क्यों लोग  शरारत करते   हैं । ।
                  --------श्री राम रॉय
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(photo from google)

Monday, 3 June 2013

दुनिया से क्यों डरते हैं .....


उनके सूरत को चाँद कहते हैं ।
तो क्या गुनाह करते हैं ॥ 
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चाँदनी मिलती है सिर्फ रातों में ।
 वो दिन -रात नजर आते हैं ॥ 
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उनके पायल की खनक सुनने को । 
हम क्या सब बेकरार रहते हैं ॥ 
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दुनिया उनकी दीवानी है यारों । 
वो दुनिया से क्यों डरते हैं ॥
                                    ---श्री राम रॉय 
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