Friday, 14 December 2018

बेचारा एडमिन!!!

#whatsapp ग्रुप को चलाने वाले आदरणीय अडमिनो को समर्पित मेरी यह रचना***
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व्हाट्सएप की झोली में ,
जो हो मन में डालिये।
जैसे माल हो फोकट का,
ठूँस ठूँस कर खा लिये।

बेखबर हो  राहो पर जो
डग मग कर के चलते हैं।
ठोकर खा कर गिरने वाले
खटिये पर ही मिलते हैं।

हर घर में झांकते रहना
जिनकी बनी हुई हो आदत।
डाँट मिलती डेग डेग पर
होती उनकी कहाँ इज्जत?

एडमिन से टकराने की
हिम्मत सबकी नही होती।
ग्रुप एडमिन की फुलवारी
उड़ती तितली नहीं होती!!!
रचना- श्रीराम रॉय
@sriramroy

Monday, 10 December 2018

जनता तेरा नेता दीवाना....

जनता तेरा नेता दीवाना
हाय राम .....
इलेक्शन में डाले दाना ।
धंधा है यह इनका पुराना
हाय राम ......
इलेक्शन में डाले दाना ।।

भोली-भाली लगती है
सूरत इनकी प्यारी
इनको देखकर शरमा जाए
लूला लंगड़ा भिखारी ।
गद्दी छोड़ के गांव में ,
हाय राम ....
आंखों से आंसू बहाना ।
जनता तेरा नेता दीवाना ।।

गांधीजी के सच्चे चेले
पेप्सी कोला पीते हैं
सर की टोपी भूल गए
खद्दर पहन कर जीते हैं।
मिस वर्ल्ड से हाथ मिलाए
हाय राम....
यह गाए अंग्रेजी गाना ।
जनता तेरा नेता दीवाना।।

जनता को छिलके देते
खुद खाते हैं केले
पता नहीं हर बार  कैसे
बन जाते एमपी एमएलए ।
हिंदुस्तान में मुंह धोते
हाय राम ........
इटली में खाये खाना।
जनता तेरा नेता दीवाना ।।
इलेक्शन में डाले दाना।।
----श्रीराम रॉय

Tuesday, 4 December 2018

तुम्हारा हो जाता(गज़ल)--

कमबख्त तुम्हारा हो जाता
तेरे दिल को यदि मैं भा जाता।

एक बार आवाज तो दे देते
तेरे दर पर दौरा आ जाता ।

जब जब देखा तुमने मुझको
इस दिल को मजा आ जाता।

बरसों बीत गए अब तो
कब का पास तेरे आ जाता ।

तुम खेले दिल से मेरे
तेरे दिल से खेलने आ जाता ।

सूखे बादल सुखी दरिया
ना छा पाता ना आ पाता।
----सर्वाधिकार सुरक्षित @श्रीराम रॉय

Thursday, 29 November 2018

माँ

-----माँ-----------

माँ का कोई मोल नहीं
शब्द माँ अनमोल है
चाहे नर हो या पशु
सबसे सुंदर बोल है ।।

रहते खेलते जिसके अंदर
वह आंचल मां का सुंदर
छूटा जो ममता का आंचल
पग-पग लगता डर ही डर।।

जिसने मां से प्यार किया
जग उसका सत्कार किया
मां को रुलाने वाले को
भगवान भी दुत्कार दिया ।।

मां यदि नहीं होती
अपनी भी दुनिया कहां होती
फेंक यदि कूड़े में जाती
यह जिंदगी भी कहां होती।।
@sriramroy

Tuesday, 13 November 2018

बाल दिवस

बाल दिवस के अवसर पर
बच्चों के लिए प्रस्तुत है
मेरी यह बाल रचना🙏
**************
बाल दिवस के अवसर पर।
चाचा नेहरू को प्रणाम है।।

खूब पढ़ाई करनी है और
जग में करना नाम है ।
बाल दिवस के अवसर पर
चाचा नेहरू को प्रणाम है ।।

प्रथम प्रधानमंत्री देश के
जवाहरलाल हमारे थे ।
बच्चे कहते चाचा उनको
जान से  बढ़कर प्यारे थे ।।

नेहरू कुर्ता आज भी
सबसे अच्छा लगता है।
गाँधी टोपी पहनने वाला
सबसे सच्चा दिखता है।।

फूल गुलाब का कहता है
नेहरू चाचा अमर रहें।
हम बच्चे भी फूल से कोमल
लेकिन जग में निडर रहें।।
   @ श्रीराम रॉय, ums अमझर, mayurhand, चतरा, झारखंड

Sunday, 11 November 2018

भाव के रंग


...............................
भाव रंग से बनी रंगोली
................................
पिया के आने की आशा में
रंगों की पोटली खोली ।
दीप सजाएं द्वारे द्वारे
भाव रंग से बनी रंगोली ।।
रात रात भर जागे जागे ,
पिया जवान सीमा पर आगे ।
लाल रंग की धारा बहती
घाव जंग से बनती होली ।।
पिया के आने की आशा में
भाव रंग से बनी रंगोली.....।
रंग उमंग के उड़ गाते
भीड़ लगाते रिश्ते नाते ,
ढोल नगाड़े चीखते रहते
हरे बांस की सजती डोली ।।
पिया के आने की आशा में
भाव रंग से बनी रंगोली.....।।

Tuesday, 8 May 2018

बेटियाँ मोम की

गलियों से निकल
चौराहे पर
बढ़ते जा रहे
कुछ हाथो में
तख्तियां
कुछ हाथों में
मोमबत्तियां।
निःशब्द अंधेरे में
जलती मोमबतियो के
प्रकाश में
उसकी धुँधली फ़ोटो
जो, भेड़िये से संघर्ष में
बचा न पाई बोटियाँ।
भेड़ियों से बेटे
हिरण सी बेटियाँ
देख न पाती दुनिया।
छुपती, सहमति
बहुत मजबूरी
जीने को छटपटाती
मोम सी बेटियाँ,
पूछती चौराहे पर
टिमटिमाती मोमबतियां
कब तक जलेगी बेटियाँ....

---/श्री राम रॉय

Monday, 12 March 2018

परीक्षा भवन में कैमरे

ये टंगे हुए
ऊंची दीवारों पर
कोने से
झांकते
सब कुछ
रिकॉर्ड कर
दूर बैठे
मजिस्ट्रेट को
दर्शन
करा रहे
कैमरे
परीक्षा भवन
में....।
परीक्षा भवन की
हाईटेक व्यवस्था
क्लास रूम
की याद
दिलाते हुए
कैमरे ...।
पढ़ाई के समय
क्लास छोड़ना
किताबों से
मुँह  मोड़ना
महंगा पर रहा
उत्तर लिखने के
बदले
मिले प्रश्नों को ही
कॉपी पर
रगड़ रहा ....
पॉकिट से
नकल  के पुर्जे
निकले कैसे....
इंसानी
आंखों से
तेज जो
सी सी टीवी कैमरे।।

Wednesday, 14 February 2018

प्यार ही पूजा


सबसे बड़ा पूण्य
मेरे यार कर लेना।
करना हो कुछ तो
बस प्यार कर लेना||

प्यार ही पूजा है,
प्यार चीज बड़ी है।
प्यार ही कृष्ण की,
बजती बाँसुरी है।।

प्यार ही गोपियाँ,
प्यार ही राधिका।
राधा भी थी प्यारे,
प्यार की साधिका।।

जो चाहते अगर,
प्यार को समझना।
मीरा बन कर होगा,
प्याला विष का पीना।।

खो जाता प्यार में,
प्यारे यह तन मन।
जीना और मरना,
प्यार में है समर्पण।।

चाहते गर खुशियां,
इज़हार कर देना।
बंद मुट्ठी में सारा,
संसार कर लेना।।

Tuesday, 13 February 2018

मेरा फूल गुलाब का...

इंतज़ार में तेरे जवाब का।
रखा है फूल गुलाब का

आएगा जब खत तेरा,
भेजूंगा फूल गुलाब का।।

सीने में सजा कर रखना इसको,
दिल है फूल गुलाब का।।

यादों के खुशबू तुम्हें मुबारक,
कहेगा फूल गुलाब का।।

तुम चाहे तो छोड़ दो मुझको,
मत फेंको फूल गुलाब का।।

मैं न तेरे प्यार के काबिल,
काबिल है फूल गुलाब का।।

गर गैरों से इश्क हो जाये,
देना फूल गुलाब का।।

है तमन्ना कोई आशिक रखे,
मेरा फूल गुलाब का।।

------श्रीरामरॉय

Wednesday, 7 February 2018

अन्नदाता

वह किसान है।
चकाचौंध से दूर ,
धरती का भगवान है।।

वह किसान है......

मौसम का साथ मिला,
हल बैल साथ चला।
संघर्ष भरा जीवन,
सच्चा इंसान है।।

वह किसान है...

सीखा न कभी रोना ,
धरती में उगा सोना।
दुनिया का पेट भरने,
रहता परेशान है।।
वह किसान है.....

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