Saturday, 16 March 2019

गुरुजी की होली

🙏🙏
देख गुरु को विद्यालय में 👿
🐮गधा बाबू आए ।
बच्चों के रजिस्टर में 🐤
अपना नाम लिखवाए ।।

बोले गुरु जब पढ़ने लिखने
🙉ढेंचू ढेंचू चिल्लाए ।
सुन गीत गधा के गुरु ने
🤺मोटे डंडे मंगवाए ।।

खाकर घर से आया था ,
🍃वह हरी घास की पत्ती ।
गुरु के हाथ देखकर सोटा
🦄चला दिया  दुलत्ती।।

लगी दुलत्ती भागे गुरुजी 🤥
🙈देखा ना सामने नाली है ।
लेट गए गिर कीचड़ में गुरु तो
😄गधा बोला होली है ।।
श्रीराम रॉय,शिक्षक,
अमझर, चतरा
👺👺
होली है भाई होली है
बुरा न मानो होली है।।
🎭🎭🤹🏿‍♂🎭🎭

Friday, 1 March 2019

अभिवादन

भारत माता की जय
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अभिनंदन के साथ हो ,
मोदी जी का अभिनंदन ।
मोदी जी गर होते नहीं तो
कैसे होता अभिनंदन।।

गूंज रही है शहनाई आज
हिमालय के आंगन।।
आया अपना वीर बांकुड़ा
माथे से लगा विजय चंदन ।।

आंखें बिछी थी सरहद पर
कब आएगा अभिनंदन ।
सांसे थमी थी बाघा पर
ले हाथों में रोली चंदन ।।

खुले गेट आया गजराज
रहे भौंकते स्वान से दुश्मन ।
भारत मां के जयकारे से गूंजे
धरती गूंजा गगन।।

अभिनंदन के साथ हो ,
मोदी जी का अभिनंदन ।।
  ----श्रीरामरॉय

Thursday, 14 February 2019

हिंदुस्तान जिंदाबाद

भारत माता के वीर शहीदों को अश्रुपूरित श्रधांजलि---श्रीराम रॉय

पाकिस्तान का पीने खून हिंदुस्तानी तरसते हैं।।
खून खौलता रग रग में आंखों से शोले बरसते हैं।।

शृंगार के शब्द भूल कर रन छेत्र जाना ही होगा ।
आस्तीन के सांपों को पैरों तले कुचलना ही होगा।
फड़क रही है आज भुजाएं क्रोध में थरथर करते हैं ।।
पाकिस्तान का पीने  खून हिंदुस्तानी तरसते हैं।।

खुली छूट दे दो सब को चीर फाड़ कर रख देंगे ।
बनकर भीम दुशासन का सीना फाड़ कर चख लेंगे ।
छोड़ याचना बन यमराज जंग ऐलाने करते हैं।।
पाकिस्तान का पीने  खून हिंदुस्तानी तरसते हैं।।

कायर के छल प्रपंचों को नहीं सहन अब कोई करेगा ।
चक्र सुदर्शन चलने दो अब त्राहि त्राहि कर शत्रु मरेगा।
होगा तांडव धरती पर अब सिंह गर्जना करते हैं।।
पाकिस्तान का पीने  खून हिंदुस्तानी तरसते हैं।।

अखंड भारत का निर्माण खून बहाकर करना होगा ।
भारत के जो टुकड़े हुए हैं उन टुकड़ों को वापस लेना होगा ।
शत्रु मुक्त हो जाए भारत ऐसा ही प्रण करते हैं ।।
पाकिस्तान का पीने  खून हिंदुस्तानी तरसते हैं।।

वेलेंटाइन दिवस

अपने जमाने के
विशुद्ध प्रेम को
प्रस्तुत करती पंक्तियाँ
पेशेख़िदमत है...🙏
""""""""""'''''''
प्यार वह चीज है जिसमें
       पलकें न उठ पाती है।
थरथराते हैं ओंठ केवल
       बातें न कह पाती  है।
सच कहना है दिल पर
        हाथ रख करके यह;
उनके सामने रहने पर
     सारी दुनिया थम सी जाती है।
--------श्रीरामरॉय

Friday, 25 January 2019

माँ भारती के हम बेटे...

🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
दुनिया के आकाश में चमकता हुआ सितारा है ।
मां भारती के हम बेटे भारतवर्ष हमारा है ।।

हर आंगन फुलवारी है सुंदर
कण कण से अपना नाता है ।
हम गुंजन करते  मतवाले भवरे
हमें प्यार निभाना आता है ।
तोड़े अगर कोई फूलों को
टूटे पंख हमारा है ।।
मां भारती के हम बेटे भारतवर्ष हमारा है ।।

गंगा यमुना से निर्मल हम
आज प्रदूषण से बचना होगा।
आजादी पर जमती धूल को
खून बहाकर धोना होगा ।
हिमालय सा मूक नहीं
यह ऐलान हमारा है ।।
मां भारती के हम बेटे भारतवर्ष हमारा है ।।

राम कृष्ण अर्जुन के वंशज
हम सुभाष भगत आजाद बने।
काट दे हम उन हाथों को
जो हमारी तस्वीर बर्बाद करे।
अनेक मिलकर एक रहे हम
यही हमारा नारा है ।।
मां भारती के हम बेटे भारतवर्ष हमारा है।।
26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्वरचित @श्रीराम रॉय 7903404755
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

Sunday, 13 January 2019

मकरसंक्रांति की बधाई...

मकर संक्रांति का दिन आया
सबको करके प्यार।
चूड़ा - दही - तिलकुट खाओ और
खिलाओ  यार।।

देखो - देखो गांव शहर को,
घर-घर छाया है उमंग।
उड़ उड़ कर दिल ऐसे गाए
जैसे आसमान में खिले पतंग।।

गुड़ की खुशबू आंगन आंगन
निराला हिंदुस्तान यही है।
मिलजुल त्योहार मानते हम
भारत की पहचान यही है।।

चूड़ा से गुड़ दूना हो और हो
मीठे गुड़ की भेलियाँ।।
तिलकुट तिलवा के संग करता
लाई अटखेलियाँ।।

नए चावल के खिचड़ी की
महिमा बहुत ही भारी।
ठंडक दूर भागने की
हो गयी है पूरी तैयारी।।

मकर संक्रांति का दिन आया
सबको करके प्यार।
चूड़ा - दही - तिलकुट खाओ और
खिलाओ  यार।।

------श्रीराम रॉय

Saturday, 29 December 2018

नववर्ष की मंगलकामना

गूँथ कर माला प्रेम का
ले हाथ में रोली चन्दन ।
नववर्ष के अवसर पर
प्रिय आपका अभिनंदन।।

रहे बरसते सुख के फूल
प्रिय के आंगन ऊपर से।
रहे सदा खुशहाल आप
यही कामना ईश्वर से।।

मस्तक माँ के चरणों में
झुकना हो तो झुके आपके।
सत्य मार्ग पर बढ़ने से
कभी पाँव न थके आपके।।

नववर्ष में झोली आपकी
खुशियों से भर जाएगी।
देख मुस्कुराहट आपकी
सारी दुनिया मुस्कुराएगी।।

मुख बोले प्रेम की बोली
प्रेम का ही हो स्पंदन।
नववर्ष के अवसर पर
प्रिय आपका अभिनंदन।।

----श्रीराम  रॉय

Thursday, 20 December 2018

होश उड़ जाए (ग़ज़ल)

एक बार छनका दो पायल/ कि /
सबके होश उड़ जाए।
मैं तेरे पास आ जाऊं
तुम मेरे पास आ जाए ।।

ना बीच में हो कोई ,
हमारा हो मिलन ऐसा।
बाहों में डाल कर बाहें ,
मिलन के गीत गुनगुनाए ।।

घटाएं घिर आए फिर,
हमारे आसमान में ऐसे।
मैं तुझ पर छा जाऊं ,
तू मुझ पर छा जाए।।

जो दर्द हमारे दिल को,
दुनिया ने दिया है ।
मैं अपना दर्द सुनाऊं तुमको ,
तू अपना दर्द सुना जाए।।

  हो मिलन हमारा ऐसा ,
जैसे सागर और गहराई का ।
जितना दिल मेरा पाये,
उतना तेरा दिल भी पा जाए।।

एक बार छनका दो पायल,
कि मेरे होश उड़ जाये।।
@sriramroy

Monday, 17 December 2018

बहुत ठंड है जी-----

ठंडक बहुत बढ़ते जा रही , ठंडक में मेरी ताजी रचना आपके अवलोकन  हेतु
प्रस्तुत है.....☺
-----------@श्रीराम रॉय
🍃🍂🍃🍂🍃🍂
है करवट बदला मौसम ने
दिसंबर के हसी महीने में ।
बढ़ती जाती है अब ठंडक,
काँप काँप कर सीने में ।।

बहती हवा है ऐसी ,
निकलने से बाहर जी डरे ।
ठिठुरा बदन कंबल के नीचे ,
दिन बीते हैं पड़े-पड़े। ।

आसमान में काले बादल,
पूरब की हवा ले आती है ।
हल्की हल्की बारिश से ,
यह ठंडक बढ़ती जाती है ।।

हो जाए कुछ अब ऐसा ,
जो ठंडक से आराम दिला दे ।
आ जाए जिगर में गर्मी ,
वह मीठा मीठा जाम पिला दे।।
********
@श्री राम राय

Friday, 14 December 2018

बेचारा एडमिन!!!

#whatsapp ग्रुप को चलाने वाले आदरणीय अडमिनो को समर्पित मेरी यह रचना***
-------------------------------------------------
व्हाट्सएप की झोली में ,
जो हो मन में डालिये।
जैसे माल हो फोकट का,
ठूँस ठूँस कर खा लिये।

बेखबर हो  राहो पर जो
डग मग कर के चलते हैं।
ठोकर खा कर गिरने वाले
खटिये पर ही मिलते हैं।

हर घर में झांकते रहना
जिनकी बनी हुई हो आदत।
डाँट मिलती डेग डेग पर
होती उनकी कहाँ इज्जत?

एडमिन से टकराने की
हिम्मत सबकी नही होती।
ग्रुप एडमिन की फुलवारी
उड़ती तितली नहीं होती!!!
रचना- श्रीराम रॉय
@sriramroy

Monday, 10 December 2018

जनता तेरा नेता दीवाना....

जनता तेरा नेता दीवाना
हाय राम .....
इलेक्शन में डाले दाना ।
धंधा है यह इनका पुराना
हाय राम ......
इलेक्शन में डाले दाना ।।

भोली-भाली लगती है
सूरत इनकी प्यारी
इनको देखकर शरमा जाए
लूला लंगड़ा भिखारी ।
गद्दी छोड़ के गांव में ,
हाय राम ....
आंखों से आंसू बहाना ।
जनता तेरा नेता दीवाना ।।

गांधीजी के सच्चे चेले
पेप्सी कोला पीते हैं
सर की टोपी भूल गए
खद्दर पहन कर जीते हैं।
मिस वर्ल्ड से हाथ मिलाए
हाय राम....
यह गाए अंग्रेजी गाना ।
जनता तेरा नेता दीवाना।।

जनता को छिलके देते
खुद खाते हैं केले
पता नहीं हर बार  कैसे
बन जाते एमपी एमएलए ।
हिंदुस्तान में मुंह धोते
हाय राम ........
इटली में खाये खाना।
जनता तेरा नेता दीवाना ।।
इलेक्शन में डाले दाना।।
----श्रीराम रॉय

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